Wednesday, 19 August 2026

uktiyan

 हर बड़े काम की शुरुआत छोटे से होती है ,सो छोटे से शुरू किया काम अपने आप बड़ा हो जाता है ।

आकाश में तारे बहुत बढ़ गये , मांओं के  आंचल के चांद तारों में बदल गये, कब्रिस्तान में स्कूल खुल गया ।

फूलों की माला फूल सी हल्की नहीं होती गले में पड़ते ही बहुत भारी हो जाती है क्योंकि जिम्मेदारी बढ़ जाती है

आम का पेड़ जब तक आम नहीं आते साधारण ही होता है आम आते ही महत्वपूर्ण हो जाता है ।

कुछ कवि कह कहकर ताली पिटवाते हैं लगता है बाबा रामदेव से मिलकर आये हैं और सारा योग वहीं करवा रहे हैं


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